महाराजा मार्तण्ड सिंह जूदेव चिड़ियाघर, मुकुंदपुर में दिल्ली से लाए गए सफेद बाघ ‘टीपू’ की किडनी फेल होने से मौत हो गई। टीपू को 9 साल की उम्र में लाया गया था और मात्र दो साल ही यहां रह पाया। इसके साथ ही चार सफेद बाघों की मौत से कुनबा बढ़ाने की उम्मीदें अधूरी रह गईं। अब चिड़ियाघर में सिर्फ तीन सफेद बाघ शेष हैं।
मार्तण्ड सिंह जूदेव चिड़ियाघर, जो विंध्य की शान और सफेद शेर का घर है, 10 वर्षों में भी सालाना 3.5 लाख पर्यटक नहीं जुटा सका। खराब ट्रांसपोर्टेशन, सीमित ब्रांडिंग और प्रशासनिक उदासीनता इसकी मुख्य वजह हैं। खर्च ज्यादा और आमदनी कम बनी चुनौती।














